14 नवंबर - विश्व मधुमेह दिवस 2025

The Solution Points की गहन शोध से पता चलता है कि विकलांग व्यक्तियों को मधुमेह का खतरा सामान्य व्यक्तियों की तुलना में 1.5 से 2 गुना अधिक होता है। यह समझना बहुत जरूरी है कि यह संकट कहां से आता है।

Nutritionist Shivani

11/14/20251 min read

14 नवंबर - विश्व मधुमेह दिवस 2025

पोषण विशेषज्ञ शिवानी द्वारा | The Solution Points
चुनौतियों पर विजय

विश्व मधुमेह दिवस क्यों मनाया जाता है?

हर साल 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर में मधुमेह (डायबिटीज) के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इसकी रोकथाम, प्रबंधन और उपचार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए समर्पित है।

यह दिन इंसुलिन के खोजकर्ता फ्रेडरिक बैंटिंग के जन्मदिन के सम्मान में चुना गया है। मधुमेह आज दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है।

2025 का विषय (Theme)

"जीवन के विभिन्न चरणों में मधुमेह और कल्याण" और "कार्यस्थल में मधुमेह"

यह विषय इस बात पर जोर देता है कि हर उम्र के लोगों को मधुमेह प्रबंधन के बारे में जानकारी होनी चाहिए और कार्यस्थल पर भी मधुमेह के मरीजों को सहयोग मिलना चाहिए।

मधुमेह क्या है?

मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर में रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। यह तब होता है जब:

  • शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता (टाइप 1)

  • शरीर इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाता (टाइप 2)

  • गर्भावस्था के दौरान ब्लड शुगर बढ़ जाता है (गर्भकालीन मधुमेह)

मधुमेह के लक्षण

⚠️ ध्यान दें यदि आपको ये लक्षण दिखें:

  • बार-बार पेशाब आना

  • अत्यधिक प्यास लगना

  • भूख अधिक लगना

  • अचानक वजन घटना या बढ़ना

  • थकान और कमजोरी

  • धुंधला दिखाई देना

  • घाव का देरी से भरना

  • हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन

🚨 महत्वपूर्ण: विकलांग व्यक्तियों को मधुमेह का खतरा ज्यादा क्यों है?

The Solution Points की गहन शोध से पता चलता है कि विकलांग व्यक्तियों को मधुमेह का खतरा सामान्य व्यक्तियों की तुलना में 1.5 से 2 गुना अधिक होता है। यह समझना बहुत जरूरी है कि यह संकट कहां से आता है।

विकलांग लोगों को मधुमेह का खतरा क्यों अधिक है?

1️⃣ शारीरिक गतिविधि की कमी:

समस्या:

  • व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं, लंगड़े, या गतिशीलता में कमी वाले लोग कम व्यायाम कर पाते हैं

  • सीमित गतिविधि से कैलोरी बर्न नहीं होती

  • मांसपेशियां कमजोर होती हैं

  • शरीर का वजन बढ़ता है

नतीजा: मोटापा → इंसुलिन प्रतिरोध → टाइप 2 मधुमेह

2️⃣ तनाव और मानसिक स्वास्थ्य:

समस्या:

  • विकलांग व्यक्तियों को समाज में भेदभाव का सामना करना पड़ता है

  • आत्मविश्वास की कमी

  • अवसाद, चिंता, अकेलापन

  • सामाजिक अलगाववाद

नतीजा: तनाव → कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है → ब्लड शुगर बढ़ता है → मधुमेह

3️⃣ दवाओं के दुष्प्रभाव:

समस्या:

  • विकलांग व्यक्तियों को अक्सर अन्य बीमारियों की दवाइयां लेनी पड़ती हैं

  • कुछ दवाइयां (कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स, एंटीसाइकोटिक्स) ब्लड शुगर बढ़ाती हैं

  • सेरेब्रल पाल्सी, स्पाइनल कॉर्ड इंजरी की दवाइयां इंसुलिन को प्रभावित कर सकती हैं

नतीजा: दवाओं का दुष्प्रभाव → मधुमेह विकसित हो सकता है

4️⃣ असंतुलित आहार:

समस्या:

  • कई विकलांग व्यक्तियों को निगलने में कठिनाई (Dysphagia)

  • कुछ केवल आसान, नरम खाना खा सकते हैं

  • स्वास्थ्यकर विकल्प तक पहुंच नहीं

  • आर्थिक कारणों से जंक फूड खाना पड़ता है

नतीजा: कुपोषण + उच्च कैलोरी खाना → मधुमेह का खतरा बढ़ता है

5️⃣ स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच:

समस्या:

  • अस्पताल, क्लिनिक में सुलभता की कमी

  • नियमित जांच नहीं हो पाती

  • पोषण परामर्श नहीं मिलता

  • समय पर निदान नहीं

नतीजा: मधुमेह का पता बहुत देर से चलता है - जब बीमारी गंभीर हो चुकी हो

6️⃣ आनुवंशिक और सामाजिक कारक:

समस्या:

  • विकलांगता अक्सर आनुवंशिक होती है

  • परिवार में मधुमेह का इतिहास हो सकता है

  • गरीबी, कुपोषण से जुड़ी विकलांगता

नतीजा: आनुवंशिक प्रवृत्ति + जीवनशैली = उच्च जोखिम

🆘 मधुमेह विकलांग व्यक्तियों के लिए और भी खतरनाक क्यों है?

विकलांग व्यक्तियों को मधुमेह होने पर क्या समस्याएं हो सकती हैं?

⚠️ दोहरी चुनौती (Double Burden):

एक विकलांग व्यक्ति को अगर मधुमेह भी हो जाए, तो उसकी स्थिति बहुत गंभीर हो जाती है:

1. व्हीलचेयर उपयोगकर्ता को मधुमेह होने पर:

समस्याएं:

  • पैरों में सुन्नपन (मधुमेह से) + पहले से कमजोरी = गिरने का और भी ज्यादा खतरा

  • पैरों के घाव न भरना (मधुमेह का दुष्प्रभाव) = संक्रमण, विच्छेदन तक की स्थिति

  • आंखों की कमजोरी (पहले से) + मधुमेह = पूरी अंधता आ सकती है

  • बैठे-बैठे मोटापा बढ़ना = मधुमेह और भी खराब हो जाता है

परिणाम: विकलांगता और मधुमेह = जीवन की गुणवत्ता बहुत खराब हो जाती है

2. दृष्टिबाधित व्यक्ति को मधुमेह होने पर:

समस्याएं:

  • पहले से ही कम या कोई दृष्टि नहीं

  • मधुमेह → डायबिटिक रेटिनोपैथी → बचा हुआ दृष्टि भी चली जा सकती है

  • अपनी दवाई पहचान नहीं सकते

  • डायट फॉलो करने में और भी कठिनाई

  • पूर्ण अंधता का खतरा बढ़ जाता है

3. श्रवण बाधित व्यक्ति को मधुमेह होने पर:

समस्याएं:

  • मधुमेह से श्रवण और कमजोर हो सकता है (Diabetic Neuropathy)

  • सुनने की क्षमता और भी कम हो जाती है

  • स्वास्थ्य सूचनाएं समझने में कठिनाई

  • दवाई के बारे में जानकारी नहीं मिल पाती

4. सेरेब्रल पाल्सी (CP) वाले को मधुमेह होने पर:

समस्याएं:

  • पहले से ही चेहरे, होंठ में अनियंत्रित गति

  • मधुमेह से न्यूरोलॉजिकल समस्याएं और भी बढ़ सकती हैं

  • खाने में कठिनाई (पहले से ही है) + मधुमेह डाइट = कुपोषण का खतरा

  • मांसपेशियों की कमजोरी और बढ़ जाती है

5. ऑटिज्म या बौद्धिक विकलांगता वाले को मधुमेह होने पर:

समस्याएं:

  • डाइट फॉलो करने में असमर्थता

  • दवाई याद रखना मुश्किल

  • मधुमेह की जटिलताएं समझ नहीं आतीं

  • आत्म-देखभाल में समस्या

  • पूर्ण रूप से देखभालकर्ता पर निर्भरता

🏥 मधुमेह की दीर्घकालीन जटिलताएं जो विकलांग व्यक्तियों को और घातक हो सकती हैं:

1. डायबिटिक फुट अल्सर (Diabetic Foot Ulcer):

क्या है: पैरों में गहरे घाव जो ठीक नहीं होते

विकलांग व्यक्तियों के लिए समस्या:

  • व्हीलचेयर उपयोगकर्ता को पैर महसूस नहीं होते

  • घाव की खबर देर से मिलती है

  • संक्रमण बढ़ जाता है

  • विच्छेदन (अंग काटना) तक की स्थिति आ सकती है

परिणाम: विकलांगता और भी बढ़ जाती है

2. डायबिटिक नेफ्रोपैथी (Kidney Disease):

क्या है: मधुमेह से किडनी खराब हो जाती है

विकलांग व्यक्तियों के लिए समस्या:

  • पहले से ही दवाइयों का भोझ है

  • डायलिसिस के लिए व्हीलचेयर में जाना मुश्किल

  • किडनी ट्रांसप्लांट के बाद देखभाल कठिन

  • जीवन और भी गंभीर हो जाता है

3. डायबिटिक रेटिनोपैथी (Blindness):

क्या है: मधुमेह से आंखों की रक्त वाहिनियां खराब हो जाती हैं

विकलांग व्यक्तियों के लिए समस्या:

  • आंखों की रोशनी चली जाने से गतिविधि और कम हो जाती है

  • पहले से कम दृष्टि + मधुमेह = पूरी अंधता

  • व्हीलचेयर + अंधता = बाहर निकलना बहुत मुश्किल

  • आत्मनिर्भरता पूरी तरह खत्म हो जाती है

4. डायबिटिक न्यूरोपैथी (Nerve Damage):

क्या है: मधुमेह से नसें खराब हो जाती हैं

विकलांग व्यक्तियों के लिए समस्या:

  • पहले से ही लकवा या कमजोरी है

  • न्यूरोपैथी से और अधिक न्यूरोलॉजिकल समस्याएं

  • दर्द, जलन, सुन्नपन

  • गतिविधि और भी सीमित हो जाती है

5. हृदय रोग:

क्या है: मधुमेह से दिल की बीमारी हो सकती है

विकलांग व्यक्तियों के लिए समस्या:

  • तनाव अधिक होने से दिल की बीमारी का खतरा बढ़ा है

  • दिल का दौरा पड़ने पर तुरंत सहायता नहीं मिल सकती

  • अस्पताल तक पहुंचना मुश्किल

🎯 आज ही विकलांग व्यक्तियों को मधुमेह से बचाव क्यों जरूरी है?

"अभी से ध्यान दें, बाद में बहुत देर हो जाएगी"

कारण 1: जल्दी रोकथाम संभव है

  • अभी अगर डाइट सही करें, व्यायाम करें = मधुमेह रुक सकता है

  • 5-10 साल बाद = बीमारी गंभीर हो जाएगी, दवा काम नहीं करेगी

कारण 2: जटिलताएं रोकी जा सकती हैं

  • अभी से नियंत्रण = पैर न कटेंगे, आंखें सलामत रहेंगी

  • देर से नियंत्रण = विच्छेदन, अंधता अनिवार्य है

कारण 3: आत्मनिर्भरता बनी रहेगी

  • अभी से पोषण, देखभाल = स्वतंत्र जीवन जी सकेंगे

  • देर से = पूरी तरह परिवार पर निर्भर

कारण 4: मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा

  • अभी से सहायता = आत्मविश्वास बना रहेगा

  • देर से = अवसाद, निराशा

💪 The Solution Points का आह्वान: विकलांग व्यक्तियों के लिए आज ही क्या करें?

🏥 तुरंत करने योग्य कार्य:

1. स्क्रीनिंग (जांच):

अभी से जांच करवाएं: ✅ फास्टिंग ब्लड शुगर (रक्त शर्करा) ✅ HbA1C टेस्ट (3 महीने का औसत) ✅ OGTT (Oral Glucose Tolerance Test)

क्यों? कई विकलांग लोगों को मधुमेह है, पर उन्हें पता नहीं।

2. व्यक्तिगत आहार परामर्श:

अभी से शुरू करें: ✅ विकलांगता के अनुसार डाइट प्लान ✅ पोषण विशेषज्ञ से सलाह ✅ परिवार को प्रशिक्षण

The Solution Points विशेष: हम घर पर आकर परामर्श देते हैं।

3. मनोवैज्ञानिक परामर्श (Counseling):

अभी से शुरू करें: ✅ तनाव प्रबंधन ✅ आत्मविश्वास बढ़ाना ✅ अवसाद से बचाव

क्यों? तनाव सीधे ब्लड शुगर बढ़ाता है।

🏃 व्यायाम - विकलांगता के अनुसार:

व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं के लिए:

  • चेयर योग: 15-20 मिनट रोजाना

  • हाथों की एक्सरसाइज: आर्म रोल, शोल्डर रोल

  • मांसपेशियों को मजबूत करना: स्ट्रेचिंग, प्रतिरोध व्यायाम

  • रोज 30 मिनट: बाहर घूमना या व्हीलचेयर पुश करना

सेरेब्रल पाल्सी वाले के लिए:

  • बैठकर व्यायाम

  • पैसिव स्ट्रेचिंग (देखभालकर्ता की मदद से)

  • थेरेपेटिक गतिविधियां

दृष्टिबाधित के लिए:

  • ट्रेडमिल पर चलना (किसी की निगरानी में)

  • योग और प्राणायाम

  • तैराकी (उत्कृष्ट विकल्प)

📋 पोषण विशेषज्ञ शिवानी के सुझाव - विकलांग व्यक्तियों के लिए मधुमेह प्रबंधन

क्या खाएं:

1. साबुत अनाज:

  • ब्राउन राइस, ओट्स, रागी, ज्वार, बाजरा

  • मल्टीग्रेन आटा

2. हरी सब्जियां:

  • करेला (मधुमेह के लिए सर्वश्रेष्ठ)

  • मेथी, पालक, भिंडी

  • ब्रोकली, बीन्स, खीरा, टमाटर

3. प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ:

  • दाल, राजमा, छोले, मूंग

  • मछली, अंडा, चिकन (बिना तेल)

  • दही, पनीर (कम वसा)

4. फल (सीमित मात्रा में):

  • सेब, अमरूद, पपीता, संतरा

  • जामुन (सबसे अच्छा), नाशपाती

  • छोटे केले (सुबह)

5. स्वस्थ वसा:

  • बादाम, अखरोट (4-5 रोज)

  • जैतून का तेल, सरसों का तेल

6. विशेष खाद्य पदार्थ (मधुमेह में अत्यंत लाभकारी):

  • मेथी के बीज (रातभर भिगोकर) - सबसे महत्वपूर्ण

  • दालचीनी पाउडर (1/4 चम्मच रोजाना)

  • तुलसी के पत्ते

  • आंवला जूस

  • करेला जूस

क्या न खाएं:

  • चीनी, मिठाई, केक, पेस्ट्री

  • मैदा से बने उत्पाद

  • तली हुई चीजें, पैकेज्ड फूड

  • कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस

  • सफेद चावल (अधिक मात्रा में)

  • आलू, शकरकंद (सीमित करें)

  • फास्ट फूड, जंक फूड

  • बहुत ज्यादा नमक

📅 The Solution Points की विशेष डाइट प्लान - विकलांग व्यक्तियों के लिए

सुबह खाली पेट (6:30-7:00 AM):

  • 1 गिलास गुनगुना पानी + 1 चम्मच मेथी के बीज (रातभर भिगोए हुए)

  • या 1 गिलास गुनगुना पानी + नींबू + शहद

नाश्ता (8:00-9:00 AM):

  • 1 कटोरी ओट्स + 1 गिलास छाछ

  • या 2 मल्टीग्रेन चीला + हरी चटनी

  • या करेला की सब्जी + 1 रोटी

मध्य-सुबह (11:00 AM):

  • 1 फल (सेब/अमरूद) + 4-5 भीगे हुए बादाम

  • या 1 कप ग्रीन टी + 1 मुट्ठी भुने चने

दोपहर का भोजन (1:00-2:00 PM):

  • 2 रोटी (मल्टीग्रेन) + 1 कटोरी दाल

  • 1 कटोरी हरी सब्जी (करेला/मेथी) + सलाद + दही

  • या 1 कटोरी खिचड़ी + दही

शाम का नाश्ता (4:00-5:00 PM):

  • 1 कप ग्रीन टी + मुट्ठीभर भुने चने

  • या 1 गिलास दही + 1 सेब

रात का खाना (7:00-8:00 PM):

  • 2 रोटी + सब्जी + सलाद

  • या 1 कटोरी दलिया + सब्जी सूप

🧠 विकलांग व्यक्तियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य बहुत महत्वपूर्ण:

तनाव प्रबंधन:

1. ध्यान (Meditation):

  • रोजाना 10-15 मिनट

  • सुबह या शाम

  • YouTube पर गाइडेड मेडिटेशन सुनें

2. प्राणायाम:

  • अनुलोम-विलोम (नाक से सांस का व्यायाम)

  • भ्रामरी (गुनगुनाते हुए सांस)

  • 5-10 मिनट रोजाना

3. सामाजिक समर्थन:

  • परिवार और दोस्तों के साथ समय

  • सपोर्ट ग्रुप में शामिल हों

  • सकारात्मक लोगों के साथ रहें

4. काउंसलिंग:

  • मनोवैज्ञानिक से मिलें

  • अवसाद, चिंता से बचाव

🏥 विकलांग व्यक्तियों के लिए नियमित जांच:

साल में कम से कम ये जांचें करवाएं:

जांचकितनी बारक्योंफास्टिंग ब्लड शुगरसाल में 2 बारमधुमेह का पता चलेHbA1Cसाल में 1 बार3 महीने का औसतपैरों की जांचमहीने में 1 बारघावों से बचावआंखों की जांचसाल में 1 बारअंधता से बचावकिडनी की जांचसाल में 1 बारकिडनी रोग से बचावदिल की जांचसाल में 1 बारदिल की बीमारी से बचावपोषण परामर्श3 महीने में 1 बारसही डाइट की निगरानी

🆘 The Solution Points का विशेष संदेश - विकलांग व्यक्तियों के लिए

"अभी रोकथाम करें, बाद में उपचार से बहुत महंगा पड़ता है!"

आर्थिक दृष्टिकोण:

मधुमेह की रोकथाम का खर्च:

  • पोषण परामर्श: ₹500-2000/महीना

  • स्वस्थ भोजन: रोजाना ₹100-150

  • व्यायाम कार्यक्रम: मुफ्त से ₹500/महीना

कुल: ₹1000-3000/महीना

मधुमेह का इलाज:

  • दवाइयां: ₹2000-5000/महीना

  • जांचें: ₹5000-10000/साल

  • जटिलताओं का इलाज:

    • डायलिसिस: ₹10,000-20,000/सेशन × 2 सप्ताह = ₹80,000-1,60,000/महीना

    • विच्छेदन की सर्जरी: ₹2-5 लाख

    • कृत्रिम पैर: ₹1-3 लाख

    • आंखों का इलाज: ₹1-2 लाख

    • दिल की सर्जरी: ₹3-5 लाख

कुल: ₹1-3 लाख/साल या ज्यादा

निष्कर्ष:

रोकथाम = ₹30,000-40,000/साल
उपचार = ₹1,00,000-3,00,000/साल + जटिलताएं

30-40 गुना अधिक खर्च आता है!

आजीवन लाभ - आज ही शुरुआत करने से

5 साल बाद:

✅ मधुमेह नहीं होगा या नियंत्रित रहेगा
✅ वजन कम होगा
✅ ऊर्जा बढ़ी होगी
✅ मानसिक स्वास्थ्य अच्छा होगा
✅ आत्मविश्वास बढ़ा होगा

10 साल बाद:

✅ पूर्ण स्वास्थ्य
✅ आत्मनिर्भर जीवन
✅ परिवार पर कम बोझ
✅ सामाजिक भागीदारी
✅ खुशहाल जीवन

💼 विकलांग व्यक्तियों के लिए कार्यस्थल पर मधुमेह प्रबंधन

नियोक्ता को क्या करना चाहिए:

  1. लचीले काम के समय

  2. निकट शौचालय की सुविधा

  3. स्वास्थ्य जांच सुविधाएं

  4. पोषक भोजन

  5. तनाव कम करने वाला माहौल

🎯 The Solution Points का आह्वान

"विकलांगता + मधुमेह = दोहरी चुनौती, लेकिन असंभव नहीं!"

आज ही शुरुआत करें:

  1. अपनी जांच करवाएं - The Solution Points के साथ मुफ्त स्क्रीनिंग शिविर

  2. व्यक्तिगत डाइट प्लान - अपनी विकलांगता के अनुसार

  3. मनोवैज्ञानिक समर्थन - तनाव और अवसाद से बचें

  4. परिवार को प्रशिक्षण - घर में सहायता के लिए

  5. नियमित फॉलो-अप - 3 महीने में एक बार

📞 हमसे संपर्क करें

🌐 वेबसाइट: www.thesolutionpoints.com
📧 ईमेल: consult@thesolutionpoints.com
📱 व्हाट्सएप: अपने जिले के नंबर के लिए संपर्क करें
🏥 मुफ्त जांच शिविर: हर महीने सामुदायिक केंद्रों में

💪 याद रखें:

"विकलांगता तो आपकी परिस्थिति है, मधुमेह आपका भविष्य नहीं।
आज का निर्णय = कल का स्वास्थ्य।

सही आहार + मानसिक समर्थन + नियमित जांच = स्वस्थ, आत्मनिर्भर जीवन"

🚀 आज ही शुरुआत करें। कल बहुत देर हो सकता है!

The Solution Points की गहन शोध से पता चलता है कि विकलांग व्यक्तियों को मधुमेह का खतरा सामान्य व्यक्तियों की तुलना में 1.5 से 2 गुना अधिक होता है। यह समझना बहुत जरूरी है कि यह संकट कहां से आता है।